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NEWS Leaders : MP में राज्य परिवहन की बसे पुन: प्रारंभ करने की जनहित याचिका पर हाईकोर्ट ने केंद्र और राज्य को जारी किये नोटिस

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NEWS Leaders : MP में राज्य परिवहन की बसे पुन: प्रारंभ करने की जनहित याचिका पर हाईकोर्ट ने केंद्र और राज्य को जारी किये नोटिस

सुनवाई में न्यायालय ने राज्य एवं केन्द्र सरकार को सुचना पत्र जारी कर 6 सप्ताह में जवाब तलब किया

न्यूज लीडर्स : सेंधवा

प्रदेश की आम जनता को आवागमन की बेहतर सुविधाऐं देने के लिए प्रदेश मे पुनः राज्य परिवहन निगम का संचालन किया जाना चाहिये। इस मुद्दे को लेकर उच्च न्यायालय इंदौर की बेंच पर हुई सुनवाई के पश्चात् न्यायालय द्वारा राज्य एवं केन्द्र सरकार को सुचना पत्र जारी कर 6 सप्ताह में जवाब तलब किया है।

“उक्त निर्देश उच्च न्यायालय इंदौर के न्यायमुर्ति सुश्रुत अरविंद धर्माधिकारी एवं न्यायमुर्ति बी.के. द्विवेदी द्वारा सेंधवा के सामाजिक कार्यकर्ता एवं अधिवक्ता बी.एल. जैन द्वारा 14 अगस्त 2024 को प्रस्तुत की गई जनहित याचिका की सुनवाई पश्चात् दिए है”

●》बसे बंद होने से क्या हालत बने, बताया कोर्ट को.》》

याचिकाकर्ता के अधिवक्ता अभिषेक तुगनावत द्वारा न्यायालय को बताया कि जब से राज्य परिवहन निगम प्रदेश मे बंद हुआ है तब से आम नागरिको को आवागमन में भारी कठिनाई उठाना पड़ रही है। आवागमन के साधन नही होने के कारण ग्रामीण क्षेत्रो में आज भी माल वाहनो में तीस से चालीस यात्री बैठ कर यात्रा करते है। इस कारण अनेको बार दुर्घटनाओं में सैकड़ो लोगो की मौत हो चुकी है।

स्पष्ट है शासन की प्रबंधन की कुव्यवस्था का परिणाम आज आम नागरिको को भोगना पड़ रहा है। जबकि केरल और महाराष्ट्र राज्य वर्तमान मे परिवहन निगम के मॉडल राज्य बने हुए है। केरल में तो हर रूट पर लक्जरी बसे चलती है और वहां के परिवहन निगम को मुनाफा भी अच्छा होता है तो फिर म.प्र. मे केरल राज्य के मॉडल पर इसका पुनः संचालन क्यों नही प्रारंभ किया जा सकता है ?

●》और अंत में.》》

सुनवाई पश्चात् न्यायालय द्वारा म.प्र. शासन के मुख्य सचिव एवं प्रमुख सचिव परिवहन विभाग, प्रबंध संचालक म.प्र. सड़क परिवहन निगम एवं सचिव सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय भारत सरकार को सुचना पत्र जारी कर जवाब तलब किया है। प्रदेश शासन की ओर से अतिरिक्त महाअधिवक्ता श्री आनंद सेानी ने पैरवी की।

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