Newsleaders : जन-संवाद से समाधान तक, बड़गाँव में रात्रि चौपाल, बघाड़ी में कलेक्टर का रात्रि विश्राम, ग्रामीणों से रूबरू

Newsleaders : जन-संवाद से समाधान तक, बड़गाँव में रात्रि चौपाल, बघाड़ी में कलेक्टर का रात्रि विश्राम, ग्रामीणों से रूबरू
न्यूज लीडर्स : बड़वानी
बड़वानी जिले में जन-संवाद और मानवीय प्रशासन की मिसाल पेश करते हुए कलेक्टर श्रीमती जयति सिंह ने ग्राम पंचायत बड़गाँव में आयोजित ‘रात्रि चौपाल’ के माध्यम से ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं, वहीं दूसरी ओर शासकीय जनजातीय कन्या आश्रम बघाड़ी में रात्रि विश्राम कर बच्चों के बीच आत्मीय संवाद स्थापित किया। ग्राम बड़गाँव में रात्रि चौपाल के दौरान कलेक्टर श्रीमती जयति सिंह ने कहा कि,
“क्षेत्र के विकास के लिए केवल विभागीय सक्रियता ही नहीं, बल्कि सामाजिक चेतना और नागरिकों की जागरूक भागीदारी भी उतनी ही आवश्यक है।”
उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकारी योजनाओं की सफलता जनसहभागिता के बिना अधूरी है और समाज को सामाजिक बुराइयों के विरुद्ध एकजुट होना होगा।

●》कलेक्टर ने लगाई रात्रि चौपाल, ग्रामीणों से रूबरू.》》
रात्रि चौपाल के दौरान ग्रामीणों ने शिक्षा, पशुपालन, कृषि, खेल मैदान, ग्रामीण स्वच्छता, शराबबंदी जैसे महत्वपूर्ण मुद्दे कलेक्टर के समक्ष रखे। श्रीमती सिंह ने प्रत्येक समस्या को गंभीरता से सुना और मौके पर मौजूद संबंधित विभागों के अधिकारियों को समय-सीमा में निराकरण के निर्देश दिए।
साथ ही उन्होंने शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी ग्रामीणों को दी और योजनाओं पर सीधे फीडबैक भी प्राप्त किया।
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन द्वारा समस्याओं के समाधान हेतु किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। रात्रि चौपाल में वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी, जनप्रतिनिधिगण एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।
●》कलेक्टर ने ग्राम बघाड़ी में बिताई रात, किया अवलोकन.》》
इसी क्रम में कलेक्टर श्रीमती जयति सिंह ने बीती रात शासकीय जनजातीय कन्या आश्रम बघाड़ी में रात्रि विश्राम किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने आश्रम में छात्राओं को दी जा रही मूलभूत सुविधाओं का गहन अवलोकन किया। शयन कक्षों की स्वच्छता, पेयजल व्यवस्था, सुरक्षा एवं अध्ययन से जुड़ी व्यवस्थाओं की जांच करते हुए उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि छात्राओं को किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए।

●》कलेक्टर ने छात्राओं के साथ जमीन पर बैठकर किया भोजन.》》
निरीक्षण का सबसे संवेदनशील और प्रेरणादायक क्षण तब देखने को मिला जब कलेक्टर श्रीमती सिंह ने छात्राओं के साथ जमीन पर बैठकर भोजन किया। उन्होंने भोजन की गुणवत्ता स्वयं परखी और बच्चों से उनके शौक, खेलकूद, पढ़ाई और भविष्य के सपनों पर खुलकर संवाद किया। छात्राओं से सीधे बातचीत कर उन्होंने आश्रम से जुड़ी समस्याओं के बारे में जानकारी ली।

“कलेक्टर ने छात्राओं को मन लगाकर पढ़ाई करने और जीवन में ऊंचे लक्ष्य निर्धारित करने के लिए प्रेरित किया”
कलेक्टर के इस आत्मीय व्यवहार से छात्राएं उत्साहित नजर आईं। उन्होंने आगे बढ़कर अपना परिचय दिया और अपनी दैनिक गतिविधियों के बारे में बताया।
●》और अंत में.》》
यह पूरा दौरा प्रशासन की उस सोच को दर्शाता है, जिसमें जन-संवाद, संवेदनशीलता और ज़मीनी जुड़ाव को शासन की सबसे बड़ी ताकत माना जा रहा है।




