Newsleaders : दिग्विजय सिंह का इंकार, तीसरी बार राज्यसभा नहीं जाएंगे, अब एमपी पर फोकस, 2028 विधानसभा को लेकर प्रदेश में ही सक्रिय रहेंगे
Newsleaders : दिग्विजय सिंह का इंकार, तीसरी बार राज्यसभा नहीं जाएंगे, अब एमपी पर फोकस, 2028 विधानसभा को लेकर प्रदेश में ही सक्रिय रहेंगे
न्यूज लीडर्स डेस्क

मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने ऐलान कर दिया है की वह अपनी राज्यसभा सीट खाली कर रहे हैं और तीसरी बार उच्च सदन में नही जायेंगे। इस हालिया बयान ने मप्र में कांग्रेस की सियासत को गरम कर दिया है। दिग्विजय सिंह ने कहा कि यह फैसला पूरी तरह उनका अपना है।
●》दिग्विजय सिंह के इंकार से सियासत तेज.》》
मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह का राज्यसभा कार्यकाल आगामी 9 अप्रैल को समाप्त होने जा रहा है। यह उनका दूसरा राज्यसभा कार्यकाल रहा, लेकिन अब वे तीसरी बार राज्यसभा की दौड़ में शामिल नहीं होंगे। पार्टी सूत्रों के अनुसार, दिग्विजय सिंह ने इस संबंध में कांग्रेस नेतृत्व को अपनी मंशा से अवगत करा दिया है।

●》दिग्विजय की मप्र में सक्रिय रहने की कवायद.》》
मप में 2028 में प्रस्तावित विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए दिग्विजय सिंह ने मध्यप्रदेश की राजनीति में पूरी तरह सक्रिय रहने का निर्णय लिया है। उनका मानना है कि राज्यसभा की बजाय प्रदेश में रहकर संगठन और कार्यकर्ताओं के साथ लगातार संवाद करना अधिक प्रभावी रहेगा।

कांग्रेस के अंदरूनी सूत्रों के मुताबिक, दिग्विजय सिंह अगले ढाई साल को पूरी तरह संगठनात्मक मजबूती में लगाने की रणनीति पर काम कर रहे हैं। इस अवधि में वे प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों का दौरा कर जमीनी स्तर पर पार्टी को मजबूत करने पर फोकस करेंगे।
बताया जा रहा है कि उनकी रणनीति बड़े शक्ति प्रदर्शन या भीड़ जुटाने वाले कार्यक्रमों से अलग होगी। वे विधानसभा, ब्लॉक और मंडल स्तर पर छोटी लेकिन प्रभावी बैठकों के जरिए संगठन को सक्रिय करना चाहते हैं। हालांकि, दिग्विजय सिंह ने अब तक अपनी रणनीति को सार्वजनिक रूप से स्पष्ट नहीं किया है।

●》संगठनात्मक यात्राओं का खाका.》》
कांग्रेस संगठन को मजबूती देने के लिए चरणबद्ध यात्राओं का प्रस्ताव तैयार किया गया है।
● बूथ से मंडल स्तर तक पदयात्राएं.
● मंडल से ब्लॉक स्तर तक बाइक यात्राएं.
● ब्लॉक से जिला स्तर तक संगठनात्मक दौरे.
इन यात्राओं का उद्देश्य सीधे कार्यकर्ताओं से संवाद और संगठन की कमजोर कड़ियों को मजबूत करना बताया जा रहा है।

●》और अंत में.》》
दिग्विजय सिंह का यह बयान कांग्रेस के भीतर एक बड़े बदलाव के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।
आने वाले समय में वह जमीनी राजनीति में ज्यादा सक्रिय नजर आ सकते हैं और प्रदेश स्तर पर संगठन को मजबूत करने की भूमिका निभा सकते हैं।
