Newsleaders : कसरावद में शुरू हुई सफेद मुसली की खेती, किसान इब्राहिम पटेल और तस्व्वर खान बने मिसाल

Newsleaders : कसरावद में शुरू हुई सफेद मुसली की खेती, किसान इब्राहिम पटेल और तस्व्वर खान बने मिसाल
कसरावद : न्यूज लीडर्स
कसरावद क्षेत्र में अब परंपरागत फसलों से हटकर किसान औषधीय फसलों की ओर रुख करने लगे हैं। इसी कड़ी में कसरावद के किसान इब्राहिम पटेल एवं उनके पुत्र तस्व्वर खान ने अपने खेत में पहली बार सफेद मुसली की खेती कर क्षेत्र के किसानों के लिए एक नई राह खोली है।
सफेद मुसली अपने औषधीय गुणों के कारण बेहद कीमती और मांग वाली फसल मानी जाती है। आयुर्वेदिक दवाओं में उपयोग होने वाली यह फसल आमतौर पर इस क्षेत्र में नहीं उगाई जाती, लेकिन इब्राहिम पटेल और उनके पुत्र ने जोखिम उठाकर इसे अपने खेत में लगाया है।
●》खेती की लागत और मुनाफा.》》
किसानों के अनुसार सफेद मुसली की खेती में मेहनत अधिक होती है और प्रति बीघा लगभग 80 हजार रुपये से अधिक की लागत आती है। हालांकि, यदि फसल सही तरीके से तैयार हो जाए तो इसका बाजार भाव अन्य पारंपरिक फसलों की तुलना में कई गुना अधिक मिलता है, जिससे किसान को अच्छा मुनाफा होता है।
●》किसान का बयान.》》
किसान तस्व्वर खान ने बताया कि उन्हें सफेद मुसली की खेती का विचार यूट्यूब के माध्यम से मिला। वीडियो देखने के बाद उन्होंने मोबाइल पर संपर्क कर बीज मंगवाए और अपने खेत में पहली बार सफेद मुसली की खेती शुरू की, उन्होंने बताया कि यदि यह फसल अच्छी तरह से पकती है, तो क्षेत्र के अन्य किसान भी इसे देखकर सफेद मुसली की खेती अपनाकर अच्छा लाभ कमा सकते हैं।

●》क्षेत्र के किसानों के लिए नई संभावना》》
सफेद मुसली की सफल खेती होने पर कसरावद और आसपास के क्षेत्र में औषधीय खेती को बढ़ावा मिलेगा और किसानों को आय के नए विकल्प उपलब्ध होंगे। यह पहल कृषि क्षेत्र में नवाचार और आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।




