Newsleaders : सिंगरौली में पेड़ों की अंधाधुंध कटाई पर सियासत गरम, कांग्रेस का प्रदर्शन, पुलिस पहरे में जंगल पहुँचा प्रतिनिधिमंडल

Newsleaders : सिंगरौली में पेड़ों की अंधाधुंध कटाई पर सियासत गरम, कांग्रेस का प्रदर्शन, पुलिस पहरे में जंगल पहुँचा प्रतिनिधिमंडल
बड़ी खबर : 6 लाख पेड़… 800 पुलिसकर्मी… और सिंगरौली में उबलती सियासत, देखिए लीडर्स
न्यूज लीडर्स विशेष


मध्य प्रदेश के सिंगरौली जिले के घिरौली क्षेत्र में प्रस्तावित अडानी कोल माइंस प्रोजेक्ट के लिए बड़े पैमाने पर वन कटाई को लेकर प्रदेश की सियासत गरमा गई है। 1397.54 हेक्टेयर भूमि के अधिग्रहण में से लगभग 1335.35 हेक्टेयर घना जंगल क्षेत्र है, जहां करीब 6 लाख पेड़ काटे जाने की प्रक्रिया जारी है। इसी मुद्दे पर बुधवार को कांग्रेस ने सिंगरौली में जोरदार प्रदर्शन किया।
• सिंगरौली में 6 लाख पेड़ों की कटाई पर बवाल पुलिस रोक के बीच जंगल पहुँचा कांग्रेस दल
• अडानी कोल माइंस विरोध: कांग्रेस का सिंगरौली में प्रदर्शन, पुलिस पहरे में हुआ निरीक्षण
• 1397 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहण पर सियासत गरम, नेताओं को रोकने से कांग्रेस आगबबूला

प्रदर्शन में शामिल होने के लिए मप्र कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार, विधायक जयवर्धन सिंह, अजय सिंह, विक्रांत भूरिया, कमलेश्वर पटेल और अन्य वरिष्ठ नेता सिंगरौली पहुंचे। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि यह “सबसे बड़ा पर्यावरण विनाश” है, जिसे सरकार और प्रशासन मिलकर छिपाने की कोशिश कर रहे हैं।


●》पुलिस ने कांग्रेस की जांच टीम को रोका.》》
AICC द्वारा गठित कांग्रेस की 12 सदस्यीय जांच टीम को पुलिस ने बासी बेरदहा पहुंचने से पहले ही घिरौली गांव के पास रोक दिया। इसके विरोध में कांग्रेस नेता और सैकड़ों कार्यकर्ता सड़क पर ही बैठ गए और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। मौके पर करीब 200 से अधिक कांग्रेसी मौजूद थे।

“पुलिस रोक के बावजूद नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार और सांसद विक्रांत भूरिया बाइक से जंगल की ओर बढ़ गए और कटाई स्थल तक पहुंचने में सफल रहे”
●》दो घंटे बाद सीमित अनुमति.》》
करीब दो घंटे प्रदर्शन के बाद शाम 4:30 बजे प्रशासन ने जीतू पटवारी, ओंकार मरकाम, कमलेश्वर पटेल, जयवर्धन सिंह, नेहा कावरे को एक कार से जंगल का निरीक्षण करने की अनुमति दी। हालांकि उनकी पूरी आवाजाही पुलिस निगरानी में हो रही है। गाड़ी के आगे–पीछे पुलिस वाहन तैनात हैं।

●》उमंग सिंघार का बयान.》》
मप्र में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने गंभीर सवाल उठाए,
“अगर सब कुछ नियमों के तहत है, तो जांच टीम को कटाई स्थल और आदिवासी परिवारों से मिलने से क्यों रोका जा रहा है?”
उन्होंने केंद्र सरकार और अडानी समूह पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रशासन एकतरफा कार्रवाई कर रहा है और स्थानीय आदिवासियों की आवाज दबाई जा रही है।

●》भारी पुलिस बल तैनात.》》
स्थिति को देखते हुए घिरौली गांव से आगे के मार्ग पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। सूत्रों के अनुसार, सिंगरौली, सीधी, रीवा, सतना, मऊगंज, भोपाल, मंडला, छिंदवाड़ा से पुलिस बल बुलाया गया है। मौके पर 800 से अधिक पुलिसकर्मी और QRF तैनात हैं। प्रशासन का दावा है कि स्थिति नियंत्रण में है।




