
Newsleaders : ‘लौटा फर्राटा’: कूनो में चीतों की नई दुनिया, दिसंबर 2025 तक संख्या 30 पहुंची जो बनी ‘चीता’ की ऐतिहासिक कामयाबी
“जिस धरती से चीता लुप्त हुआ था, आज वहीं उसकी रफ्तार इतिहास लिख रही है”
न्यूज लीडर्स विशेष

मध्य प्रदेश के कूनो राष्ट्रीय उद्यान में चीते एक बार फिर अपनी रफ्तार से इतिहास रच रहे हैं। प्रधानमंत्री द्वारा 17 सितंबर 2022 को कूनो में पहले आठ चीतों को रिलीज़ किए जाने के साथ शुरू हुआ यह अभियान आज वैश्विक वन्यजीव संरक्षण की एक बड़ी सफलता के रूप में स्थापित हो चुका है।
भारत ने विश्व में पहली बार किसी बड़े मांसाहारी प्रजाति का अंतर-महाद्वीपीय स्थानांतरण सफलतापूर्वक पूरा किया। इस ऐतिहासिक परियोजना के तहत वर्ष 2022-23 के दौरान नामीबिया और दक्षिण अफ्रीका से कुल 20 चीतों को भारत लाया गया। वैज्ञानिक निगरानी, अनुकूल आवास और चरणबद्ध संरक्षण रणनीति के चलते यह प्रयोग न केवल सफल रहा, बल्कि तेजी से आगे भी बढ़ा।

वन विभाग और विशेषज्ञों के अनुसार, दिसंबर 2025 तक कूनो राष्ट्रीय उद्यान में चीतों की संख्या बढ़कर 30 हो चुकी है, जो इस बात का प्रमाण है कि भारतीय परिस्थितियों में चीते फिर से फल-फूल सकते हैं।

यह उपलब्धि जैव विविधता संरक्षण, पारिस्थितिक संतुलन और भारत की अंतरराष्ट्रीय छवि—तीनों के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है। चीतों की वापसी से कूनो न केवल वन्यजीव पर्यटन का नया केंद्र बन रहा है, बल्कि स्थानीय रोजगार और संरक्षण-आधारित विकास को भी गति मिल रही है। ‘प्रोजेक्ट चीता’ अब भारत की पर्यावरणीय पुनर्स्थापना क्षमता का प्रतीक बनता जा रहा है।




