सेंधवा : रोजानीमाल में 150 से अधिक आदिवासी परिवारों को मिले वन अधिकार पट्टे, जनजातीय समाज को अधिकार दिलाना सरकार की प्राथमिकता : अंतरसिंह आर्य.
सेंधवा : रोजानीमाल में 150 से अधिक आदिवासी परिवारों को मिले वन अधिकार पट्टे, जनजातीय समाज को अधिकार दिलाना सरकार की प्राथमिकता : अंतरसिंह आर्य.
न्यूज़ लीडर्स : सेंधवा
बड़वानी जिले के सेंधवा विकासखंड की ग्राम पंचायत रोजानीमाल में मंगलवार को वन अधिकार अधिनियम, 2006 के तहत आयोजित पट्टा वितरण कार्यक्रम में 150 से अधिक अनुसूचित जनजाति हितग्राहियों को वन अधिकार पट्टे वितरित किए गए। राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष अंतरसिंह आर्य की मौजूदगी में हुए इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीण, जनप्रतिनिधि और अधिकारी शामिल हुए।

▪️150 से अधिक आदिवासी हितग्राहियों को मिला भूमि पर वैधानिक अधिकार.
कार्यक्रम में वर्षों से वन भूमि पर अधिकार मिलने का इंतजार कर रहे 150 से अधिक अनुसूचित जनजाति परिवारों को वन अधिकार पट्टे सौंपे गए। पट्टा मिलने के बाद अब हितग्राही अपनी भूमि पर वैधानिक रूप से खेती कर सकेंगे और विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में भी उन्हें सुविधा मिलेगी।

▪️पट्टा मिलने पर हितग्राहियों के चेहरों पर दिखी खुशी.
पट्टा वितरण के दौरान लाभार्थियों में उत्साह का माहौल देखने को मिला। लंबे समय से अपने अधिकार की प्रतीक्षा कर रहे जनजातीय परिवारों ने इसे अपने जीवन का महत्वपूर्ण अवसर बताया। कार्यक्रम स्थल पर हजारों की संख्या में ग्रामीण और जनजातीय समाज के लोग मौजूद रहे।

▪️जनजातीय समाज को अधिकार दिलाना सरकार की प्राथमिकता : अंतरसिंह आर्य.
राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष अंतरसिंह आर्य ने कहा कि वन अधिकार अधिनियम, 2006 का उद्देश्य जनजातीय समाज को उनके वैधानिक अधिकार दिलाना और उन्हें सामाजिक एवं आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है। उन्होंने कहा कि पात्र परिवारों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता है।

▪️जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की रही मौजूदगी.
कार्यक्रम में भाजपा नेता विकास आर्य, बलवाड़ी मंडल अध्यक्ष राजू चौधरी, धवली मंडल अध्यक्ष किरता वडवी, धनोरा मंडल अध्यक्ष शोभाराम तरोले, सेंधवा नगर पालिका उपाध्यक्ष मोहन जोशी, वरिष्ठ नेता सीताराम पटेल, रोजानीमाल सरपंच हामीर, खारिया बर्खाली सरपंच मांगीलाल, जनपद पंचायत के सीईओ, वन विभाग के डीएफओ, तहसीलदार सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।
