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NEWS Leaders : महेश्वर में डॉ साधौ ने गणगौर पूजन और चुनरी अर्पण किया, कोरोना के बाद उत्साह अधिक

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NEWS Leaders : महेश्वर में डॉ साधौ ने गणगौर पूजन और चुनरी अर्पण किया, कोरोना के बाद उत्साह अधिक

“गणगौर निमाड़ का गौरवमय पर्व है। यह महापर्व एक महोत्सव रूप में संपूर्ण मध्यप्रदेश निमाड़-मालवांचल में अपनी अनूठी छटा बिखेरता है। इसके साथ ही चैत्र माह में महाकाली, महागौरी एवं महासरस्वती अलग-अलग रूपों में नवरात्रि में पूजी जाती हैं।”

महेश्वर : न्यूज़ लीडर्स

▪︎गणगौर पूजन और चुनरी अर्पण किया डॉ साधौ ने.》

निमाड़ की आस्था और श्रद्धा की पहचान पवित्र गणगौर महापर्व के अवसर पर महेश्वर नगर में विधायक डॉ. विजयलक्ष्मी साधौ ने गणगौर माताजी का पूजन एवं चुनरी अर्पण कर स्वागत किया।

देखिये वीडियो

कोरोना के 2 साल बाद जाकर लोगों को मां गणगौर देवी के दर्शन-पूजन करने का सौभाग्य मिला। गणगौर पर्व की धूम गांवों में जमकर देखी जा रही। बाड़ी पूजन के बाद अब रथों का श्रृंगार होगा। रणुबाई और धनियर राजा सजे-धजेंगे।

▪︎गणगौर पर्व सामाजिक दृष्टि से महत्वपूर्ण.

पारिवारिक व सामाजिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है गणगौर का त्योहार। चैत्र गणगौर पर्व गणगौर दशमी से अथवा एकादशी से प्रारंभ होता है, जहां माता की बाड़ी यानी जवारे बोए जाने वाले स्थान पर नित्य आठ दिनों तक गीत गाए जाते हैं। यह गीत कन्याओं, महिलाओं, पुरुषों, बालकों के लिए शिक्षाप्रद होते हैं।

सम्पूर्ण निमाड़ में गणगौर माता को सर्वोच्च सम्मान और प्रतिष्ठा प्राप्त है। निमाड़ में माता का अनुष्ठान पर्व नौ-दस दिनों तक उमंग और हर्सौल्लास से मनाया जाता है I निमाड़ में जिन घरों में माता की “पावणी” लाया जाता है। उन घरों की बहू-बेटियां आठ-दस दिन पूर्व से ही तैयारी करने लग जाती है I घर के कोने कोने को साफ स्वच्छता करती है I पूर्ण पवित्रता व उमंगता से पूरे घर की लिपाई-छबाई व पुताई करती है I चौक-माणडनों से घर को संजाती-संवारती है।

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