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Newsleaders : “श्रीमद्भागवत कथा के अंतिम दिन उमड़ा श्रद्धा का सैलाब, सेंधवा में श्रीजी महाराज ने दिया सनातन संस्कृति संरक्षण का संदेश”

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Newsleaders : “श्रीमद्भागवत कथा के अंतिम दिन उमड़ा श्रद्धा का सैलाब, सेंधवा में श्रीजी महाराज ने दिया सनातन संस्कृति संरक्षण का संदेश”

न्यूज लीडर्स : सेंधवा

सेंधवा शहर के जगन्नाथपुरी क्षेत्र में आयोजित सात दिवसीय संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा का बुधवार को भव्य समापन हुआ। कथा के अंतिम दिन श्रद्धा और भक्ति का ऐसा दृश्य देखने को मिला, जिसने पूरे नगर को आध्यात्मिक वातावरण से सराबोर कर दिया।

“हजारों की संख्या में श्रद्धालु कथा पंडाल में उपस्थित रहे और विशाल भंडारे में हजारों श्रद्धालुओ ने प्रसादी ग्रहण की”

कथा के समापन अवसर पर निंबार्काचार्य श्रीजी महाराज श्यामशरण देवाचार्य ने अपने ओजस्वी प्रवचनों में सनातन संस्कृति, हिंदू समाज की एकता और धर्म संरक्षण पर विशेष जोर दिया। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि

“सनातन संस्कृति को छोड़ने से जीवन व्यर्थ हो जाता है, इससे श्रेष्ठ कोई मार्ग नहीं हो सकता।”

श्रीजी महाराज ने राम वनवास, आदिवासी समाज के ऐतिहासिक योगदान तथा सुदामा–श्रीकृष्ण मिलन जैसे प्रेरणादायक प्रसंगों के माध्यम से भक्ति, त्याग और सामाजिक समरसता का संदेश दिया। कथा के दौरान प्रस्तुत भजनों ने श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर दिया।

उन्होंने धर्म परिवर्तन के प्रयासों पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि जीवन में कठिनाइयाँ आ सकती हैं, लेकिन थोड़े से सुख या लालच में अपने सर्वस्व और संस्कृति का त्याग करना अनुचित है। श्रीजी महाराज ने कहा कि भगवान राम, श्रीकृष्ण और भगवान शंकर की उपासना हमें परंपरा से मिली है और इससे भटकाना समाज को तोड़ने का प्रयास है। हिंदू समाज की एकजुटता पर बल देते हुए उन्होंने कहा कि

“यदि हिंदू समाज एकजुट रहा तो वह विश्व की प्रगति में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। जातियों में विभक्त हो सकते हैं, लेकिन सबसे पहले हम हिंदू और भारतीय हैं जिसकी शोभा और पहचान वैदिक सनातन संस्कृति से ही है”

आदिवासी समाज को संबोधित करते हुए श्रीजी महाराज ने आह्वान किया कि वे किसी भी भय या लोभ में आकर सनातन धर्म न छोड़ें। उन्होंने आश्वासन दिया कि पूरा समाज उनके साथ खड़ा है और उनके कल्याण के लिए हरसंभव प्रयास किए जाएंगे।

समापन अवसर पर नपा अध्यक्ष बसंती बाई यादव, संजय यादव, जितेंद्र यादव एवं परिवार सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। सभी ने श्रीजी महाराज से आशीर्वाद प्राप्त किया।यह आयोजन श्री विष्णुप्रसाद यादव पुण्य स्मृति समिति, की और से आयोजित था।

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