Newsleaders : “फ़सल हमारी, भाव तुम्हारा नहीं चलेगा” किसानों की समस्या, राष्ट्रीय किसान मजदूर महासंघ ने सौंपा ज्ञापन

Newsleaders : “फ़सल हमारी, भाव तुम्हारा नहीं चलेगा” किसानों की समस्या, राष्ट्रीय किसान मजदूर महासंघ ने सौंपा ज्ञापन
किसानों की प्रमुख मांगें :
• MSP पर खरीदी और कर्ज माफी की मांग
• स्लॉट बुकिंग हटाकर टोकन व्यवस्था बने
• नमी मापक मशीन हटाने की मांग
• आंदोलन को देखते हुए भारी पुलिस बल तैनात
खेतिया : न्यूज लीडर्स
किसानों की विभिन्न समस्याओं और मांगों को लेकर राष्ट्रीय किसान मजदूर महासंघ के आह्वान पर बुधवार को जिलेभर में संगठन के पदाधिकारियों द्वारा ज्ञापन सौंपे गए। इसी क्रम में खेतिया में कृषि उपज मंडी समिति के मुख्य द्वार पर किसानों ने जोरदार नारेबाजी करते हुए मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री एवं बड़वानी जिला कलेक्टर के नाम ज्ञापन प्रस्तुत किया।

ज्ञापन नायब तहसीलदार प्रज्ञा पाटीदार को सौंपते हुए किसानों ने
“फ़सल हमारी, भाव तुम्हारा नहीं चलेगा”,
“एमएसपी पर खरीदी करो”,
“किसानों का कर्ज माफ करो”
जैसे नारे लगाए और अपनी मांगों के शीघ्र निराकरण की मांग की।
ज्ञापन में प्रमुख रूप से सीसीआई खरीदी के लिए स्लॉट बुकिंग व्यवस्था समाप्त कर टोकन प्रणाली लागू करने, नमी मापने की मशीनों को हटाने, किसानों को 10 घंटे नियमित बिजली आपूर्ति देने, खलघाट किसान आंदोलन में दर्ज मुकदमों को वापस लेने तथा सभी फसलों की एमएसपी दरों पर खरीदी की मांग की गई।

इसके साथ ही जहां मंडी अधिनियम का पालन नहीं हो रहा, वहां संबंधित मंडी सचिव के खिलाफ कार्रवाई की मांग भी ज्ञापन में शामिल रही। किसानों ने यह भी उल्लेख किया कि जब सरकार उद्योगपतियों के बड़े-बड़े कर्ज माफ कर सकती है, तो किसानों का कर्ज माफ कर उन्हें राहत दी जानी चाहिए।
ज्ञापन सौंपे जाने के दौरान प्रदेश एवं जिले में चल रहे किसान आंदोलनों को देखते हुए प्रशासन पहले से सतर्क नजर आया। खेतिया में स्थिति यह रही कि ज्ञापन देने आए किसानों से अधिक संख्या में पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर मौजूद दिखाई दिए।
इस अवसर पर किसान मजदूर महासंघ के पदाधिकारी अनिल इसके, मनोज मोरे, गौतम परमार सहित बड़ी संख्या में किसान प्रतिनिधि उपस्थित रहे। वहीं सुरक्षा व्यवस्था के तहत नगर निरीक्षक खेतिया सुरेंद्र कनेश, नगर निरीक्षक पानसेमल मंशाराम वगेन, मंडी निरीक्षक भगवान पटेल, दिलीप भदाने, मंडी कर्मचारी एवं भारी पुलिस बल तैनात रहा।




