NEWS Leaders : MP में कड़ाके की ठंड का दौर, 18 जिलों में अलर्ट, शीतलहर से बचाव एवं सुरक्षा के दिशा-निर्देश
NEWS Leaders : MP में कड़ाके की ठंड का दौर, 18 जिलों में अलर्ट, शीतलहर से बचाव एवं सुरक्षा के दिशा-निर्देश
भोपाल : न्यूज लीडर्स

मध्य प्रदेश में इस साल दिसंबर के पहले पखवाड़े में भी कड़ाके की ठंड पड़ रही है। भोपाल-इंदौर समेत कई जिलों में जनवरी जैसी ठंड पड़ रही है। मौसम विभाग के मुताबिक उत्तर से आ रही बर्फीली हवाओं के कारण तापमान में गिरावट आई है। आने वाले दिनों में इसी तरह ठंड का कहर जारी रहने की संभावना है।
शीतलहर से होने वाले दुष्प्रभावों और उससे बचाव के लिए मप्र सरकार ने विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं। दिसम्बर और जनवरी माह में शीतलहर के दौरान सर्द हवाओं से स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव के दृष्टिगत सावधानियों और तैयारियों के वृहद निर्देश आदेश में शामिल हैं।

“शुक्रवार-शनिवार की रात में प्रदेश के कई शहरों में कड़ाके की ठंड रही। प्रदेश में लगातार छठवीं रात कड़ाके की ठंड रही। पचमढ़ी सबसे ठंडा रहा। यहां तापमान 2 डिग्री रहा”
राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा “नेशनल गाइडलाइंस फॉर प्रिपरेशन ऑफ एक्शन प्लान – प्रिवेंशन एंड मैनेजमेंट ऑफ कोल्ड वेव एंड फ्रॉस्ट” जारी की गई है, जिससे शीतलहर से बचाव और प्रबंधन के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा सकें। इन दिशा-निर्देशों के तहत सभी संबंधित विभागों और अस्पतालों को सतर्क रहने और समय पर प्रभावी कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए हैं।
अस्पतालों में शीतलहर से बचाव हेतु व्यवस्थाओं की नियमित समीक्षा मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी और खंड चिकित्सा अधिकारियों द्वारा जिला और विकासखंड स्तर पर सुनिश्चित करने के निर्देश आयुक्त स्वास्थ्य ने दिये हैं। साथ ही शीतघात और हाइपोथर्मिया से उत्पन्न स्वास्थ्य समस्याओं की त्वरित पहचान और प्राथमिक उपचार की समुचित व्यवस्था सभी अस्पतालों में करने के लिये कहा गया है।

●》सुरक्षात्मक उपाय एवं सावधानियाँ.》》
स्थानीय स्तर पर संचार माध्यमों से मौसम संबंधी पूर्वानुमानों के प्रति जागरूक रहने की नागरिकों को सलाह दी गयी है। शीतलहर के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें और घर के अंदर ही रहें। ठंड में लंबे समय तक बाहर न रहें। ऊनी कपड़ों की कई परतें पहनकर सिर, गर्दन, हाथ और पैरों को ढककर रखें। विटामिन सी युक्त फल और सब्जियां खाएं और शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने के लिए गर्म तरल पदार्थों का सेवन करें। आस-पड़ोस में रहने वाले वृद्धजनों और बच्चों के स्वास्थ्य का ध्यान रखें। नाक बहना, नाक बंद होना, फ्लू और नाक से खून आने जैसे लक्षण दिखने पर तुरंत चिकित्सकीय सलाह लें।
●》बंद कमरों में अंगीठी/कोयले का उपयोग न करें.》》
कार्बन मोनोऑक्साइड विषाक्तता का खतरा बंद कमरों में अंगीठी या फायर पॉट का उपयोग करने से होता है, जिससे जान का खतरा बढ़ सकता है। इसलिए बंद कमरों में अंगीठी फायर पॉट का प्रयोग न करें। फ्रॉस्टबाइट के दौरान त्वचा सफेद या फीकी पड़ सकती है। कपकपी, मांसपेशियों में अकड़न, बोलने में कठिनाई, अधिक नींद आना, सांस लेने में कठिनाई और बेहोशी जैसे लक्षण दिख सकते हैं। यह एक मेडिकल इमरजेंसी है और इसके लिए तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। हाइपोथर्मिया से प्रभावित व्यक्ति को तुरंत गर्म कपड़े पहनाएं और उसे गर्म स्थान पर रखें। कंबल, तौलिया या चादर से शरीर को ढकें।

“बर्फबारी और सर्द हवाओं के असर से पूरा मध्य प्रदेश पिछले 5 दिन से कड़ाके की ठंड की चपेट में है। यह दौर अगले 3 दिन यानी, 16 दिसंबर तक बना रहेगा”
गर्म पेय पदार्थ देकर शरीर के तापमान को बढ़ाएं। लक्षणों के बढ़ने पर तुरंत चिकित्सीय सहायता लें। शराब का सेवन न करें, क्योंकि यह शरीर के तापमान को घटाता है और रक्त धमनियों में संकुचन करता है। फ्रॉस्टबाइट प्रभावित अंगों को रगड़ने से बचें, इससे और अधिक नुकसान हो सकता है। बेहोश व्यक्ति को तरल पदार्थ न पिलाएं।
●》इसलिए पड़ रही कड़ाके की ठंड.》》
सीनियर मैसम वैज्ञानिक वेद प्रकाश ने बताया कि उत्तर भारत के पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार बर्फबारी होने से वहां का तापमान काफी कम हो गया है। हवाओं का रुख भी उत्तरी एवं उत्तर पश्चिमी बना हुआ है। उत्तर भारत की तरफ से आ रही सर्द हवाओं के कारण मध्य प्रदेश में ठिठुरन बढ़ गई है। मौसम का इस तरह का मिजाज अभी दो-तीन दिन तक बना रह सकता है। तापमान काफी नीचे गिरने से फसलों पर पाला पड़ने की भी आशंका है।
