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Ayodhya : राजघाट महायज्ञ में भीषण आग, 1251 हवन कुंडों का पंडाल जलकर राख, हजारों श्रद्धालु बाल-बाल बचे

Ayodhya : राजघाट महायज्ञ में भीषण आग, 1251 हवन कुंडों का पंडाल जलकर राख, हजारों श्रद्धालु बाल-बाल बचे

📍 अयोध्या : न्यूज लीडर्स

उत्तर प्रदेश के पवित्र धार्मिक नगर अयोध्या के राजघाट क्षेत्र में शनिवार को एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। श्री लक्ष्मी नारायण महायज्ञ के अंतिम दिन आयोजित विशाल यज्ञशाला में अचानक भीषण आग लग गई, जिसने कुछ ही देर में पूरे पंडाल को अपनी चपेट में ले लिया।

⏩ घटना का पूरा विवर

यह आग दोपहर लगभग 12:00 से 2:00 बजे के बीच राजघाट स्थित बाटी वाले बाबा घाट के पास बने यज्ञ स्थल पर लगी। यहां 1251 हवन कुंडों के साथ एक भव्य महायज्ञ का आयोजन किया गया था, जिसमें हजारों श्रद्धालु शामिल हुए थे। तेज हवाओं के कारण आग ने कुछ ही मिनटों में विकराल रूप ले लिया और पूरा कपड़े का पंडाल जलकर राख हो गया।

⏩ गनीमत : टला बड़ा हादसा

सबसे राहत की बात यह रही कि आग लगने से करीब एक घंटे पहले ही महायज्ञ की पूर्णाहुति हो चुकी थी। करीब 4500 से 5000 श्रद्धालु आयोजन स्थल से बाहर निकल चुके थे, जिससे किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई।

⏩ आग लगने की वजह

प्रत्यक्षदर्शियों और शुरुआती रिपोर्ट के मुताबिक
हवन के दौरान निकली चिंगारी या नारियल फोड़ने के दौरान आग भड़कने की आशंका जताई जा रही है।
पंडाल पूरी तरह कपड़े और ज्वलनशील सामग्री से बना होने के कारण आग तेजी से फैल गई।

⏩ गौशाला तक पहुंची आग

आग की लपटें पास में बनी अस्थायी गौशाला तक भी पहुंच गई थीं, लेकिन समय रहते वहां मौजूद सभी गायों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।

⏩ दमकल की त्वरित कार्रवाई

आग लगने की सूचना मिलते ही दमकल की करीब 10 गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और करीब दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया।
घटना की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन भी तुरंत सक्रिय हुआ। जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने मौके पर पहुंचकर हालात का जायजा लिया और जांच के निर्देश दिए।

🕉️ आयोजन की पृष्ठभूमि

यह भव्य धार्मिक आयोजन बक्सर के प्रसिद्ध संत
जियर स्वामी जी महाराज के सानिध्य में आयोजित किया जा रहा था। कार्यक्रम की अध्यक्षता उत्तर प्रदेश के परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह द्वारा की जा रही थी।

⏩ प्रारंभिक निष्कर्ष

फिलहाल प्रशासन द्वारा आग लगने के कारणों की विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है। हालांकि प्रारंभिक तौर पर इसे दुर्घटना माना जा रहा है, लेकिन सुरक्षा मानकों और आयोजन प्रबंधन पर भी सवाल उठने लगे हैं।

⏩ और अंत में

अयोध्या जैसे आस्था के केंद्र में हुआ यह हादसा भले ही जनहानि के बिना टल गया हो, लेकिन इसने बड़े धार्मिक आयोजनों में सुरक्षा व्यवस्थाओं की गंभीरता को एक बार फिर उजागर कर दिया है।

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