Newsleaders : सड़क हादसों पर चिंता, तीन वर्षों में मौतों का बढ़ाता ग्राफ, प्रशासन की रोड सेफ्टी रणनीति, सड़क दुर्घटनाओं के आंकड़े चौकाने वाले

Newsleaders : सड़क हादसों पर चिंता, तीन वर्षों में मौतों का बढ़ाता ग्राफ, प्रशासन की रोड सेफ्टी रणनीति, सड़क दुर्घटनाओं के आंकड़े चौकाने वाले
न्यूज लीडर्स : खरगोन
जिले में सड़क दुर्घटनाओं की बढ़ती घटनाओं को लेकर कमिटी ऑन रोड सेफ्टी की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता सांसद गजेन्द्र सिंह पटेल ने की, जिसमें सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम और यातायात व्यवस्था सुधार को लेकर विस्तृत समीक्षा की गई।

◾खरगोन जिले में सड़क दुर्घटनाओं के आंकड़े चौकाने वाले है.
खरगोन जिले में पिछले 3 वर्ष में सड़क दुर्घटनाओं की स्थिति चौकाने वाली है, जिला पुलिस और परिवहन विभाग के संकलित आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2023 से वर्ष 205 तक 1317 कुल दुर्घटनाएँ हुई है। जिसमें गंभीर रुप से 949 घायल हुए है। वहीं इन तीन वर्षों में मृत्यु के आंकड़े चौकाने वाले है। जिसमें 401 की मौत हो चुकी है।


“वहीं इन तीन वर्षों में दुर्घटनाओं में लगभग 13% वृद्धि हुई। मौतों की संख्या भी लगातार बढ़ती दिखाई दे रही है। सबसे अधिक दुर्घटनाएँ हाईवे और खुले मार्गों पर दर्ज की गईं।”
दुर्घटनाओं के संबंध में वर्ष में एक से दो बार होने वाली इस कमेटी की बैठक में दुर्घटनाओं पर काबू पाने को लेकर दिए गए निर्देशों के बाद भी दुर्घटनाओं पर किसी प्रकार की कोई कमी नहीं आ रही है। बैठक के बाद भी स्थिति जस की तस है।

◾सांसद पटेल के क्या निर्देश है, जानिए.
बैठक में सांसद श्री पटेल ने निर्देश दिए कि जिले में जहां-जहां पहले गंभीर सड़क दुर्घटनाएं हुई हैं, उन स्थानों को चिन्हित कर विशेष निगरानी रखी जाए और दुर्घटनाओं को कम करने के लिए प्रभावी उपाय किए जाएं। बैठक में थाना स्तर पर होने वाली सड़क दुर्घटनाओं की भी समीक्षा की गई।
◾दुर्घटनाओं के मुख्य कारण क्या है.
यातायात थाना प्रभारी रमेश सोलंकी ने बताया कि अधिकांश दुर्घटनाओं का मुख्य कारण दोपहिया वाहन चालकों द्वारा हेलमेट नहीं पहनना और चारपहिया वाहन चालकों द्वारा सीट बेल्ट का उपयोग नहीं करना है। उन्होंने बताया कि खुली सड़कों और हाईवे क्षेत्रों में दुर्घटनाओं की संख्या अधिक सामने आती है।

◾दुर्घटनाओं पर कैसे काबू पाया जाए.
सड़कों की सुरक्षा को मजबूत करने के लिए रोड मार्किंग, साइड शोल्डर निर्माण, अतिक्रमण हटाने, साइन बोर्ड लगाने, कैट-आई, रंबल स्ट्रिप और हाई मास्क लाइट लगाने जैसे कार्य नियमित रूप से कराने पर जोर दिया गया। शासन की राहवीर योजना से जुड़े प्रकरणों का शीघ्र निराकरण करने के निर्देश दिए गए।
◾सुरक्षा जागरुकता अभियान पर जोर.
सड़क सुरक्षा को लेकर जागरूकता अभियान चलाने, प्रमुख चौराहों पर व्यापारियों के साथ समन्वय स्थापित करने और यातायात समस्याओं का समाधान करने की बात कही गई।

बावड़ी बस स्टैंड क्षेत्र से अतिक्रमण हटाने, पोल शिफ्टिंग कार्यों को प्राथमिकता, यातायात में बाधा बनने वाली झाड़ियों को हटाने तथा ट्रांसपोर्ट नगर के कार्य को शीघ्र शुरू करने, रिंग रोड परियोजना को प्राथमिकता देने की बात बैठक में उठी। सड़क दुर्घटनाओं में त्वरित उपचार के लिए एंबुलेंस की संख्या बढ़ाने और आवश्यक स्थानों पर मिनी ट्रॉमा सेंटर स्थापित करने पर भी जोर दिया।
◾और अंत में.
विधायक राजकुमार मेव, कलेक्टर भव्या मित्तल, पुलिस अधीक्षक रवींद्र वर्मा, अपर कलेक्टर रेखा राठौर, जिला पंचायत सीईओ मिलिंद कुमार नागदेवे, जिला परिवहन अधिकारी ऋतु अग्रवाल सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।




