Newsleaders : नागलवाड़ी कृषि कैबिनेट में दो मंत्रियों की गैरहाजिरी से सियासी सरगर्मी, क्या यह टकराव की प्रस्तावना है!

Newsleaders : नागलवाड़ी कृषि कैबिनेट में दो मंत्रियों की गैरहाजिरी से सियासी सरगर्मी, क्या यह टकराव की प्रस्तावना है!
न्यूज लीडर्स : भोपाल
मध्य प्रदेश की मोहन सरकार ने आदिवासी बहुल बड़वानी जिले के नागलवाड़ी में कृषि कैबिनेट की अहम बैठक आयोजित की। इस बैठक को सरकार द्वारा किसानों और ग्रामीण अंचल को केंद्र में रखकर नीतिगत फैसले लेने की पहल के रूप में देखा जा रहा था।

“बैठक में दो वरिष्ठ मंत्रियों कैलाश विजयवर्गीय नगरीय प्रशासन मंत्री और प्रहलाद पटेल पंचायत मंत्री की अनुपस्थिति ने राजनीतिक हलकों में हलचल पैदा कर दी है, क्या यह टकराव की प्रस्तावना है!”
◾कौन कहां रहे व्यस्त?.
▪️पंचायत मंत्री प्रहलाद पटेल दिनभर भोपाल में रहे और बैठक में शामिल नहीं हुए।
▪️नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय आलीराजपुर पहुंचे, जहां उन्होंने मंत्री नागर सिंह चौहान और सांसद अनीता चौहान के साथ भगोरिया उत्सव में भाग लिया।
▪️दोपहर बाद इंदौर में त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा से मुलाकात की।
रात में इंदौर में फाग यात्रा में भी शामिल हुए।


“कृषि कैबिनेट से दूरी या कार्यक्रमों का टकराव? उठे सवाल? विजयवर्गीय-प्रहलाद की गैरहाजिरी ने बढ़ाई राजनीतिक हलचल”
◾क्यों अहम थी यह बैठक?.
नागलवाड़ी में आयोजित कृषि कैबिनेट को निमाड़ और आदिवासी अंचल के किसानों के लिए विशेष योजनाओं की घोषणा और कृषि विकास पर चर्चा के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा था। सरकार का उद्देश्य था कि कैबिनेट को ग्रामीण धरातल से जोड़कर किसानों की समस्याओं का सीधा समाधान निकाला जाए।

◾उठे सियासी सवाल?.
▪️क्या यह केवल कार्यक्रमों का टकराव था या राजनीतिक प्राथमिकताओं का संकेत?
▪️क्या सरकार के भीतर समन्वय की कमी का संदेश गया?
▪️क्या विपक्ष इस मुद्दे को सरकार की एकजुटता पर सवाल के रूप में उठाएगा?
◾और अंत में.
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि जब सरकार स्वयं कृषि को प्राथमिकता देने का संदेश दे रही हो, तब ऐसी महत्वपूर्ण बैठक में वरिष्ठ मंत्रियों की अनुपस्थिति स्वाभाविक रूप से चर्चा का विषय बनती है।




