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Newsleaders :  IAS संतोष वर्मा पर बड़ी कार्रवाई, CM ने भेजा बर्खास्तगी प्रस्ताव, प्रमोशन पर सवाल, बयान पर बवाल

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Newsleaders :  IAS संतोष वर्मा पर बड़ी कार्रवाई, CM ने भेजा बर्खास्तगी प्रस्ताव, प्रमोशन पर सवाल, बयान पर बवाल

भोपाल : न्यूज लीडर्स

IAS संतोष कुमार वर्मा के विवादित बयानों ने पूरे प्रदेश में बड़ा मुद्दा खड़ा कर दिया है। उनके खिलाफ कार्रवाई न होने पर सर्व समाज, विशेषकर ब्राह्मण समाज में वर्मा संतोष के बिगड़े बोल से असंतोष फैला है।
जिसके चलते 14 दिसंबर को सीएम हाउस घेराव की तैयारी कर ली थी। कांग्रेस, भाजपा और अन्य दलों के कई संगठन भी इस प्रदर्शन के समर्थन में थे।

IAS वर्मा पर आरोप है कि उन्होंने हाल में दो बेहद विवादित बयान दिए। पहला, अजाक्स सम्मेलन में ब्राह्मण बेटियों पर टिप्पणी। दूसरा, एक वीडियो में हाईकोर्ट पर गंभीर आरोप लगाना। ये वीडियो वायरल होने के बाद समाज में गुस्सा फैल गया और जगह-जगह उनके पुतले जलाए गए।

इधर, सामान्य प्रशासन विभाग की रिपोर्ट में भी IAS वर्मा पर गंभीर आरोप सामने आए। दावा किया गया कि वर्मा ने फर्जी और जाली दस्तावेजों के आधार पर IAS पद पर प्रमोशन लिया था। कई आपराधिक प्रकरण अदालतों में लंबित बताए गए। इन्हीं आधारों पर वर्मा को भेजा गया जवाब भी सरकार को असंतोषजनक लगा।
प्रदर्शन की घोषणा और समाज के बढ़ते आक्रोश के बीच मुख्यमंत्री कार्यालय में बैठक हुई, जिसमें सरकार ने कड़ी कार्रवाई का फैसला लिया।

●》सरकार की ओर से IAS संतोष वर्मा पर कार्रवाई.》》

• वर्मा को तत्काल कृषि विभाग से हटाया गया
• मंत्रालय में उप सचिव के पद पर अटैच किया गया
• उनकी IAS सेवा समाप्त करने का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा
• शीघ्र ही चार्जशीट भी दी जाएगी

सरकार का कहना है कि वर्मा का व्यवहार अनुशासन और कानून व्यवस्था के खिलाफ है और ऐसे अधिकारी को सेवा में रहना ठीक नहीं। उधर, सर्व समाज और ब्राह्मण संगठनों ने कहा कि आंदोलन स्थगित नहीं होगा। उनका मानना है कि पूर्ण कार्रवाई के बाद ही वे आगे की रणनीति तय करेंगे।

●》सर्व समाज प्रतिनिधि.》》
“IAS वर्मा ने समाज को आहत किया है। उनके खिलाफ कार्रवाई जरूरी थी। हम न्याय चाहते हैं।”
●》ब्राह्मण समाज नेता.》》
“जब तक पूरी कार्रवाई नहीं होती, आंदोलन जारी रहेगा। समाज सम्मान की बात पर पीछे नहीं हटेगा।”
●》राजनीतिक विश्लेषक.》》
“यह विवाद सिर्फ बयान का नहीं, प्रशासनिक अनियमितताओं का भी है। इसलिए सरकार को मजबूरी में कड़ी कार्रवाई करनी पड़ी।”

वर्मा का प्रमोशन रुका — सचिव स्तर तक रोक
• 71 अधिकारियों की लिस्ट में
एक पीएस, 16 सचिवों और अन्य अधिकारियों को प्रमोशन,
लेकिन संतोष वर्मा का नाम रोक दिया गया।
• वर्मा के साथ दो अन्य अधिकारी —
ऋषि और तरुण भी अपर सचिव नहीं बन सकेंगे।
■ हाईकोर्ट पर विवादित टिप्पणी — मामला और बिगड़ा
दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के अनुसार,
संतोष वर्मा ने SC/ST उम्मीदवारों के सिविल जज न बन पाने का ठीकरा हाईकोर्ट पर फोड़ा।
उनका बयान —
“एसी, एसटी को सिविल जज नहीं बनने दे रहा हाईकोर्ट”
न केवल नियमों के खिलाफ बताया गया, बल्कि अदालत की मानहानि जैसा माना गया।
■ पहले भी दिए विवादित बयान
• 23 नवंबर: “मेरे बेटे को जज बनने नहीं दिया गया”
• 9 दिसंबर: “कितने संतोष पैदा करोगे? जलाओगे?”
इन बयानों को GAD ने
“मर्यादा के खिलाफ और अनुशासनहीन” माना।

■ सरकार का सख्त एक्शन
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने संज्ञान लिया और कार्रवाई तेज की
● कृषि विभाग से हटाया गया
● GAD पूल में बिना विभाग अटैच
● बर्खास्तगी का प्रस्ताव केंद्र को भेजने की तैयारी
● विभागीय जांच अंतिम चरण में
● कारण बताओ नोटिस का जवाब “असंतोषजनक”
● अब चार्जशीट जारी होगी

■ प्रमोशन का पूरा विवाद — पृष्ठभूमि
• वर्मा पर आरोप है कि
IAS पद के लिए फर्जी और जाली दस्तावेज़ शामिल किए गए।
• 2012 से लेकर 2022 तक कई बैचों की वरिष्ठता और सूची में गड़बड़ाहट के आरोप।
• DGP से लेकर अन्य वरिष्ठ अधिकारियों की प्रमोशन लिस्ट प्रभावित।
■ प्रशासनिक सेवा में हलचल
राज्य प्रशासनिक सेवा और IAS कैडर में यह मामला
“सिस्टम की पारदर्शिता पर सबसे बड़ा सवाल”
बताया जा रहा है।

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