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NEWS Leaders : नन्हेश्वर महादेव मंदिर के लिए 77 लाख रुपये की राशि से मंदिर का होगा सौंदर्यीकरण

NEWS Leaders : नन्हेश्वर महादेव मंदिर के लिए 77 लाख रुपये की राशि से मंदिर का होगा सौंदर्यीकरण

न्यूज लीडर्स : खरगो

खरगोन जिले की प्रचीनतम स्थल श्री नन्हेश्वर महादेव मंदिर जो तहसील भगवानपुरा की ग्राम पंचायत करही में स्थित है, जो पौराणिक इतिहास से परिपूर्ण है। जिसमें विकास की परिकल्पना को साकार करते जन-उपयोगी सुविधाओं एवं सौंदर्यीकरण के विभिन्न कार्यों के लिए कलेक्टर श्री कर्मवीर शर्मा के निर्देशानुसार जिला खनिज प्रतिष्ठान मद में जिला स्तर पर 77.00 लाख रुपये की राशि की प्रशासकीय स्वीकृति दी जाकर निर्माण की जिम्मेदारी कार्यपालन यंत्री, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा संभाग खरगोन को सौपी गई।

“तात्कालिक मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान के खरगोन आगमन के दौरान जनसंवाद के बीच प्राचीन नन्हेश्वर महादेव के लिए 77 लाख रुपए और सिरवेल महादेव मंदिर के लिए 50 लाख रुपए की घोषणा हुई थी। जिसकी प्रशासकीय स्वीकृति एक वर्ष पूर्व हो चुकी थी”

विभाग के कार्यपालन यंत्री श्री अनिल बगाले ने बताया कि श्री नन्हेश्वर महादेव मंदिर में परिसर में दर्शनार्थियों को सुगमता प्रदान करने की दृष्टि से परिसर में सीमेंट कांक्रीट मार्ग का निर्माण किया गया। साथ ही मुण्डन संस्कार, दाह संस्कार हेतु घाट निर्मित किया गया, जिससे क्षेत्र के लगभग 40 ग्रामों के वासी अपने निजी/सामाजिक कार्यक्रमों में इसका उपयोग कर सकेगें। सौन्दर्यीकरण हेतु श्री नन्हेश्वर महादेव मंदिर का भी जिर्णाेद्धार व साज-सज्जा की गई। श्री नन्हेश्वर महादेव मंदिर पर्यटन की दृष्टि से जिले के प्रमख मंदिरों में आता है। मंदिर का विकास/जिर्णाेद्धार पर्यटकों को आपनी ओर आकर्षिक करेगा।

  ●》》खारक बांध की सुंदरता निहार सकेगे पर्यटक.》》      

कहते है भारत की आत्मा गाँवों में बसती है।इस परिकल्पना को साकार करते हुए जिला खनिज प्रतिष्ठान मद में तहसील भगवानपुरा अंतर्गत ग्राम पंचायत धुलकोट में सुगम व आसान आवागमन हेतु 7.70 किमी डामरीकृत मार्ग धुलकोट से जूना बिलवा-खारक बांध तक निर्माण की जिला स्तर पर 420.04 लाख रूपए की प्रशासकीय मंजूरी दी गयी है। इस कार्य के निर्माण की जिम्मेदारी कार्यपालन यंत्री, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा संभाग खरगोन को सौपी गई है।

इस मार्ग के निर्मित होने पर सुगम यातायात के साथ-साथ 09 ग्रामों/फाल्या की लगभग 3500 ग्रामीण आबादी लाभाविंत होगी। साथ ही 300-400 कृषकों एवं मजदूरों को खेतों तक पहुंचने में सुगमता के साथ ही स्थानीय कृषकों को अपनी उपज को मण्डीयो व बाजारो तक लाने में आसानी होगी। पर्यटन को बढावा देने की दृष्टि से भी मार्ग उपयोगी है, जो खारक बांध तक पर्यटक को जोड़ता है।  

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