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NEWS Leaders : सर्वपितृ मोक्ष अमावस्या पर भारत में नहीं दिखने वाले सूर्य ग्रहण को ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स से देखिए

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NEWS Leaders : सर्वपितृ मोक्ष अमावस्या पर भारत में नहीं दिखने वाले सूर्य ग्रहण को ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स से देखिए

🔹 रविवार की रात सर्वपितृ मोक्ष अमावस्या पर सूर्य ग्रहण.
🔹 ग्रहण का समय: रात 10:59 बजे से 3:23 बजे तक.
🔹 भारत में ग्रहण दिखाई नहीं देगा, सूतक काल नहीं लागू.
🔹 पितरों के तर्पण और धार्मिक उपाय का विशेष महत्व.

न्यूज लीडर्स : नक्षत्र

इस बार सर्वपितृ मोक्ष अमावस्या पर रविवार की रात एक खगोलीय घटना, सूर्य ग्रहण होने जा रही है। खगोल विज्ञानियों के अनुसार, सूर्य ग्रहण की शुरुआत रात 10:59 बजे होगी। इसका मध्य रात 1:11 बजे होगा और समाप्ति रात 3:23 बजे तक रहेगी। यह सूर्य ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा। मुख्य रूप से दक्षिणी गोलार्ध के क्षेत्रों जैसे न्यूजीलैंड, ऑस्ट्रेलिया, अंटार्कटिका और प्रशांत महासागर के कुछ हिस्सों में देखा जा सकेगा।

●》ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स से देखिए सूर्य ग्रहण.》》

यह ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा, इसलिए इच्छुक लोग इसे ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर लाइव देख सकते हैं। हालांकि, यह सूर्य ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा, इसलिए देश में इसका सूतक काल लागू नहीं होगा। खगोलविदों का कहना है कि इस ग्रहण का धार्मिक महत्व दूरस्थ क्षेत्रों में तो रहेगा, लेकिन भारत में लोग सीधे ग्रहण का दर्शन नहीं कर पाएंगे। इच्छुक लोग इसे ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर लाइव देख सकते हैं।

●》धार्मिक और ज्योतिषीय प्रभाव.》》

भारत में ग्रहण दिखाई नहीं देने के कारण सूतक काल लागू नहीं होगा। सर्व पितृ अमावस्या पर पितरों का तर्पण और श्राद्ध करना विशेष महत्व रखता है। ग्रहण के समय तुलसी की पूजा से बचना चाहिए, क्योंकि इसे अशुभ माना जाता है। ग्रहण के बाद दान, मंत्र जाप और स्नान करने से पुण्य की प्राप्ति होती है।

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