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NEWS Leaders : जैन चातुर्मास में साध्वी प पु स्नेहांजना जी महाराज साहब का मंगल प्रवेश

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NEWS Leaders : जैन चातुर्मास में साध्वी प पु स्नेहांजना जी महाराज साहब का मंगल प्रवेश

न्यूज लीडर्स : राजेश नाहर खेतिया

जैन श्वेतांबर मूर्तिपूजक खतरगच्छ संघ खेतिया के तत्वावधान में प पु आचार्य श्री जिनमणिप्रभ सूरीश्वरजी म सा की आज्ञानुवर्तनी प पु सुलोचना श्रीजी म सा  व प पु सुलक्षणा श्रीजी म सा की शिष्या प पु प्रिय स्नेहांजना श्रीजी म सा आदि चार ठाणा का आज चातुर्मास हेतु भव्य प्रवेश बैंड बाजे के साथ हुआ।

●》मंगलमय प्रस्तुति  के साथ प्रवेश.》》

छोटे छोटे बच्चों की मंगलमय प्रस्तुति के साथ बड़ी संख्या में श्रावक श्राविकाओं की उपस्थिति में शहर के मुख्यमार्गों से होकर स्व. चम्पादेवी बनेचन्दजी नाहर आराधना भवन में प्रवेश हुआ।

“जैन धर्म मे चातुर्मास की परम्परा अत्यंत प्राचीन है।यह भगवान ऋषभदेव से लेकर भगवान महावीर तक व तब से अब तक अनवरत रूप से चली आ रही है।चातुर्मास का अर्थ है जैन साधू साध्वियों का चार मास एक निर्दिष्ट स्थान पर ठहरना,जो वर्षा ऋतु के साथ आरम्भ होता है”

●》चातुर्मास को लेकर विद्वान साध्वीजी ने कहा की.》》

वर्षा काल मे जीव जंतुओं की उतपत्ति बढ़ जाती है अतः जीवो की रक्षा व तथा संयम साधना के लिए चातुर्मास का विधान है। जैन धर्म का चातुर्मास धार्मिक आस्था व समरसता का प्रतिक है।

●》संतों के आगमन पर स्वागत पूजन और उत्साह.》》

सन्तों के आगमन के साथ जैन धर्मावलंबियों ने अपने घरों के समक्ष उत्साह से स्वागत पूजन किया। सूरत, अक्लकुआ, वन्याविहिर, मंदना, शहादा, दोनवाडा, तलोदा, पानसेमल सहित विभिन्न स्थानों से आये जैन संघ के प्रतिनिधियों का अभिनन्दन किया। इस शुभ अवसर पर स्वामी वात्सल्य का लाभ शकुंतला देवी गौतमचन्दजी नाहर परिवार खेतिया व नवकारसी का लाभ लूणिया परिवार ने लिया।

●》और अंत में.》》

चातुर्मास काल में धार्मिक गतिविधियों के साथ विभिन्न धार्मिक आयोजन  व महत्वपूर्ण त्यौहार संवत्सरी,जन्म कल्याणक भी समयानुसार होंगे,।सन्तो के आगमन के साथ अब नियमित धार्मिक गतिविधिया निरन्तर संचालित होगी।

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