खेतिया में दिव्यांगजनों का प्रदर्शन : 600 रुपये पेंशन को बताया नाकाफी, 1500 करने की मांग
महंगाई के बीच जीवन यापन मुश्किल, मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा, समय पर भुगतान और अतिरिक्त सहायता की भी मांग

न्यूज लीडर्स : राजेश नाहर खेतिया
बड़वानी जिले के खेतिया नगर में गुरुवार को दिव्यांगजनों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर अतिरिक्त तहसील कार्यालय पहुंचकर प्रदर्शन किया और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। यह ज्ञापन नायब तहसीलदार सुश्री प्रज्ञा पाटीदार को सौंपा गया।
◾ दिव्यांगजनों ने सामाजिक सुरक्षा पेंशन व्यवस्था पर उठाये सवाल?
प्रदर्शन के दौरान दिव्यांगजनों ने वर्तमान सामाजिक सुरक्षा पेंशन व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि उन्हें प्रतिमाह मात्र 600 रुपये की सहायता मिल रही है, जो वर्तमान महंगाई के दौर में बेहद अपर्याप्त है। उनका कहना है कि इतनी कम राशि में दैनिक जरूरतों को पूरा करना लगभग असंभव हो गया है।
◾ज्ञापन में प्रमुख रूप से तीन मांगें रखी गईं
▪️पहली, मासिक पेंशन राशि को बढ़ाकर कम से कम 1500 रुपये किया जाए।
▪️दूसरी, पेंशन का भुगतान हर महीने की 1 से 10 तारीख के बीच अनिवार्य रूप से बैंक खातों में सुनिश्चित किया जाए।
▪️तीसरी, 75% से अधिक दिव्यांगता वाले व्यक्तियों को अतिरिक्त आर्थिक सहायता दी जाए।
“प्रदर्शन के दौरान कई दिव्यांगजन भावुक भी नजर आए। उन्होंने कहा कि सरकार को उनकी परिस्थितियों को समझते हुए त्वरित निर्णय लेना चाहिए, ताकि वे सम्मानपूर्वक जीवन यापन कर सके”
◾ सरकारी पक्ष / वर्तमान व्यवस्था
मध्यप्रदेश सरकार द्वारा दिव्यांगजनों के लिए सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना संचालित की जा रही है, जिसके तहत पात्र हितग्राहियों को प्रतिमाह आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। वर्तमान में यह राशि सामान्यतः 600 रुपये प्रतिमाह है राज्य और केंद्र की साझा योजनाओं के अंतर्गत दी जाती है।

इसके अलावा दिव्यांगजनों को अन्य सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाती हैं, जैसे, यूडीआईडी कार्ड के माध्यम से पहचान और लाभ के साथ सरकारी योजनाओं में प्राथमिकता और आरक्षण निशुल्क या रियायती उपचार एवं सहायक उपकरण एवं कुछ मामलों में आवास और स्वरोजगार योजनाओं में लाभ के निर्देश है।
“हालांकि, लाभार्थियों का कहना है कि इन सुविधाओं का प्रभावी क्रियान्वयन जमीनी स्तर पर पर्याप्त नहीं है और आर्थिक सहायता बढ़ाने की जरूरत है”
◾ दिव्यांगजनों की चेतावनी
ज्ञापन में यह भी स्पष्ट किया गया कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो वे आगे आंदोलन करने को मजबूर होंगे। प्रदर्शन के दौरान दिव्यांग राहुल सहित अन्य लोगों ने अपनी समस्याएं खुलकर सामने रखीं।
