भगवानपुरा में डीलिस्टिंग मुद्दे पर मंथन, दिल्ली में प्रस्तावित महारैली के लिए जनसमर्थन जुटाने की कवायद

भगवानपुरा में डीलिस्टिंग मुद्दे पर मंथन, दिल्ली में प्रस्तावित महारैली के लिए जनसमर्थन जुटाने की कवायद
जनजाति सुरक्षा मंच की बैठक में आरक्षण व्यवस्था और धर्मांतरण को लेकर उठे सवाल, बड़ी संख्या में भागीदारी की अपील
न्यूज लीडर्स : विजय पाटील भगवानपुरा
भगवानपुरा में रविवार को जनजाति सुरक्षा मंच द्वारा एक संगठित बैठक का आयोजन किया गया, जिसमें डीलिस्टिंग से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। इस दौरान आगामी 24 मई को दिल्ली में आयोजित होने वाली प्रस्तावित ‘गर्जना महारैली’ को लेकर रणनीति तैयार की गई और समाज के लोगों से अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने का आह्वान किया गया।
बैठक को संबोधित करते हुए मंच से जुड़े वक्ताओं ने कहा कि धर्म परिवर्तन के बाद भी कुछ लोग अनुसूचित जनजाति के अधिकारों का लाभ ले रहे हैं, जो मूल उद्देश्य के विपरीत है। उन्होंने इस स्थिति को सामाजिक और संवैधानिक दोनों दृष्टि से गंभीर बताते हुए ऐसे मामलों की समीक्षा और सुधार की आवश्यकता जताई।
कार्यक्रम में यह भी कहा गया कि वर्षों से इस विषय को लेकर विभिन्न स्तरों पर आवाज उठाई जाती रही है और अब इसे एक बड़े जनआंदोलन का रूप देने की तैयारी है। इसी कड़ी में दिल्ली में होने वाली महारैली को निर्णायक माना जा रहा है, जिसमें केंद्र सरकार के समक्ष मांगों को प्रभावी ढंग से रखा जाएगा।
बैठक के दौरान कुछ उदाहरणों का हवाला देते हुए यह भी कहा गया कि कथित तौर पर गलत तरीके से जाति प्रमाण पत्र बनवाकर आरक्षण का लाभ लेने के मामले सामने आए हैं। ऐसे मामलों में जांच और सख्त कार्रवाई की मांग की गई।
आयोजन के अंत में उपस्थित लोगों को पंपलेट वितरित किए गए और समाज के अधिकाधिक लोगों को दिल्ली जाने के लिए प्रेरित किया गया।
बैठक में विभिन्न पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता बड़ी संख्या में मौजूद रहे और सभी ने एकजुट होकर इस मुद्दे को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया। इस अवसर पर जिला संगठन मंत्री सतीश यादव, महेश डावर, गोविंद बड़ोले,रामदास आवासे,संतोष मेहता, धर्मेंद्र मंडलोई,संतोष सोलंकी, बासीराम वास्कले, संतोष आवासे, धूमसिंह मेहता,चंपालाल बड़ोले, सावन डावर सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी एवम कार्यकर्ता मौजूद थे।




