सच है तो ख़बर है
ब्रेकिंग
"राशिफल 27 अप्रैल : एकादशी का असर, सिंह में चंद्रमा, बढ़ेगा आत्मविश्वास लेकिन बढ़ेगा अहंकार भी, ध्रु... "रविवार का राशिफल : सिंह में चंद्रमा, बढ़ेगा आत्मविश्वास लेकिन खर्च पर रखें नियंत्रण, वृद्धि योग का ... "आज का राशिफल 25 अप्रैल 2026 : कर्क में चंद्रमा, भावनाओं और फैसलों का दिन, गंड योग का असर कुछ राशियो... "आज का राशिफल 24 अप्रैल 2026 : शूल योग में सतर्क रहें आज भावनाओं और फैसलों की परीक्षा का दिन, पुष्य ... "आज का राशिफल 23 अप्रैल 2026 : सप्तमी का असर, मिथुन से कर्क में चंद्रमा, बदलेगा भावनाओं और फैसलों का... बिजासन घाट 'ब्लैक स्पॉट' मौत का सौदागर : दो चालकों की दर्दनाक मौत, कैबिन को क्रेन से काटकर चालको को ... Bhopal सशस्त्र सेना झंडा निधि में योगदान, राष्ट्र भक्ति की सशक्त अभिव्यक्ति : राज्यपाल श्री पटेल "आज का राशिफल 22 अप्रैल 2026 : सुकर्मा योग से बदलेगी किस्मत, कई राशियों को मिलेगा लाभ, मिथुन में चंद... आज का राशिफल 21 अप्रैल 2026 : पंचमी का प्रभाव, आज ऊर्जा और अवसरों का संगम, कुछ के लिए चेतावनी भी, मि... आज का राशिफल 20 अप्रैल 2026 : राशिफल में कुछ के लिए सौभाग्य, तो कुछ के लिए सावधानी का संकेत, आज चंद्...

NEWS Leaders : चैत्र शुक्ल प्रतिपदा तिथि, 2 अप्रैल नव संवत्सर को मनेगा उज्जैन नगरी का गौरव दिवस

0

चैत्र शुक्ल प्रतिपदा तिथि, 2 अप्रैल नव संवत्सर को मनेगा उज्जैन नगरी का गौरव दिवस

“चैत्र शुक्ल की प्रतिपदा तिथि से हिंदू नववर्ष का नया संवत्सर 2079, 2 अप्रैल से प्रारंभ होगा. मान्यता है कि इस दिन ब्रह्मा जी ने धरती की संरचना की थी.”

“मुख्यमंत्री करेंगे 9 दिवसीय विक्रमोत्सव का समापन
कैलाश खेर और मनोज मुंतशिर देंगे प्रस्तुति”

उज्जैन : न्यूज़ लीडर्स

विक्रम संवत 2079 के प्रारंभ नव संवत्सर को इस वर्ष बाबा महाकाल की नगरी में उज्जैन का गौरव दिवस मनाया जाएगा। इस दिन 2 अप्रैल को चैत्र नववर्ष प्रतिपदा पर 9 दिवसीय विक्रमोत्सव का समापन भी होगा। मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान समापन समारोह में मुख्य अतिथि होंगे। शिप्रा नदी तट पर प्रसिद्ध संगीतकार श्री कैलाश खेर अपने बैंड ‘कैलासा’ के साथ सुमधुर सांगीतिक प्रस्तुति देंगे।

देखिये वीडियो

मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान के नगरों के स्थापना दिवस को मनाए जाने के संकल्प के अनुपालन में वर्ष प्रतिपदा पर विद्वानों के मत के अनुसार उज्जैन का स्थापना दिवस मनाया जा रहा है।

“भारतीय कालगणना में सर्वाधिक महत्व विक्रम संवत पंचांग को दिया जाता है। सनातन धर्मावलम्वियों के समस्त कार्यक्रम जैसे विवाह, नामकरण, गृहप्रवेश  इत्यादि शुभकार्य विक्रम संवत के अनुसार ही होते हैं। विक्रम संवत् का आरंभ 57 ई.पू. में उज्जैन के राजा विक्रमादित्य के नाम पर हुआ। भारतीय इतिहास में विक्रमादित्य को न्यायप्रिय और लोकप्रिय राजा के रुप में जाना जाता है।”

उच्च शिक्षा मंत्री और विक्रमोत्सव आयोजन समिति के अध्यक्ष डॉ. मोहन यादव ने बताया कि नव संवत्सर की पूर्व संध्या पर 1 अप्रैल को गीतकार, राष्ट्रवादी कवि श्री मनोज मुंतशिर ‘मुंतशिरनामा’ प्रस्तुत करेंगे। शहीद पार्क में 31 मार्च को राष्ट्रीय कवि सम्मेलन होगा, जिसमें वेदव्रत वाजपेयी (लखनऊ), कविता तिवारी (लखनऊ), अनिल अग्रवाल (नई दिल्ली), रश्मि शाक्य (ग़ाज़ीपुर), दीपक पारिख (भीलवाड़ा), गौरव चौहान (इटावा), अशोक भाटी (उज्जैन) कविता-पाठ करेंगे। दिनेश ‘दिग्गज’ कवि सम्मलेन के सूत्रधार होंगे।

मंत्री डॉ. यादव ने बताया कि 30 मार्च को उज्जैन में महानाट्य ‘जाणता राजा’ की तर्ज पर रचित महानाट्य ‘विक्रमादित्य’ का समापन होगा। इस महानाट्य में घोड़े, हाथी, पालकी, बग्गी के माध्यम से स्पेशल इफ़ेक्ट के साथ जीवंत नाट्य प्रदर्शन किया जा रहा है। गुडी़ पड़वा के अवसर पर प्रातः 5:30 बजे तक दत्त अखाडा़ क्षिप्रा नदी तट पर सूर्य उपासना कार्यक्रम भी किया जाएगा। साथ ही ‘भारत विक्रम’ यूट्यूब चैनल भी प्रारंभ होगा।

Leave A Reply

Your email address will not be published.

Don`t copy text!