Newsledears : दूषित पानी से मौतों पर सियासी उबाल, सेंधवा में किसान कांग्रेस का पुतला दहन, महिला कांग्रेस ने मोमबत्ती जलाकर जताया विरोध

Newsledears : दूषित पानी से मौतों पर सियासी उबाल, सेंधवा में किसान कांग्रेस का पुतला दहन, महिला कांग्रेस ने मोमबत्ती जलाकर जताया विरोध
न्यूज लीडर्स : सेंधवा

इंदौर के भगीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पानी पीने से हुई मौतों के मामले ने अब सियासी रूप ले लिया है। इस मुद्दे को लेकर सेंधवा में कांग्रेस के दोनों प्रमुख संगठन किसान कांग्रेस और महिला कांग्रेस ने अलग-अलग समय में कार्यक्रम कर विरोध दर्ज कराया।
“एक ओर जहां किसान कांग्रेस ने प्रदर्शन करते हुए मंत्री का पुतला दहन किया, वहीं महिला कांग्रेस ने शांतिपूर्ण तरीके से मोमबत्ती जलाकर मृतकों को श्रद्धांजलि दी”

●》किसान कांग्रेस ने जलाया मंत्री का पुतला.》》
किसान कांग्रेस जिला अध्यक्ष सिलदार सोलंकी के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ता कांग्रेस कार्यालय परिसर में एकत्र हुए। यहां से वे रैली के रूप में किला गेट चौराहे पहुंचे, जहां सरकार और कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के खिलाफ नारेबाजी करते हुए उनका पुतला दहन किया गया।

●》महिला कांग्रेस ने मोमबत्ती जला जताया विरोध.》》
इसी मुद्दे को लेकर महिला कांग्रेस ने भी अपना विरोध दर्ज कराया, शांतिपूर्ण और भावनात्मक तरीके से महिला कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मोमबत्तियां जलाकर मृतकों को श्रद्धांजलि दी और अस्पताल में भर्ती मरीजों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।

●》किसान कांग्रेस का आरोप, दोषियों पर कार्रवाई की मांग.》》
किसान कांग्रेस के जिलाध्यक्ष सिलदार सोलंकी ने आरोप लगाया कि भगीरथपुरा विधानसभा क्षेत्र स्वयं मंत्री कैलाश विजयवर्गीय का क्षेत्र है, जहां दूषित पानी पीने से अब तक 17 लोगों की मौत हो चुकी है। इतनी गंभीर घटना के बावजूद मंत्री और सरकार की संवेदनशीलता कहीं नजर नहीं आती। मीडिया द्वारा सवाल उठाने पर मंत्री के कथित बयान ने पीड़ित परिवारों के जख्मों पर नमक छिड़कने का काम किया है। उन्होंने सरकार से कहा की पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराई जा कर नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए मंत्री कैलाश विजयवर्गीय तत्काल इस्तीफा दें।

●》महिला कांग्रेस ने श्रद्धांजली देकर जताया विरोध.》》
प्रदेश महिला कांग्रेस नेत्री सुभद्रा परमार ने कहा कि इस घटना से कई परिवार बुरी तरह प्रभावित हुए हैं और अभी भी अनेक लोग अस्पताल में भर्ती हैं। जब आम जनता को सुरक्षित पेयजल तक नहीं मिल पा रहा, तो सरकार के विकास और सुशासन के दावों पर सवाल उठना स्वाभाविक है। कार्यकर्ताओं ने प्रशासन से दोषियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई और पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाने की मांग की। साथ ही महिला कांग्रेस ने भी नैतिक जिम्मेदारी तय करते हुए मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के इस्तीफे की मांग दोहराई।

●》कार्यकर्ताओ ने उपस्थित हो घटना का किया विरोध.》》
किसान कांग्रेस के प्रदर्शन में चिंटू किराड़े, शोभाराम पटेल, खुमसिंह कनोज़े सहित कार्यकर्ता शामिल रहे, जबकि महिला कांग्रेस के श्रद्धांजलि कार्यक्रम में महिला कार्यकर्ताओं की उपस्थिति ने आंदोलन को सामाजिक संवेदना का स्वरूप दिया।
●》और अंत में.》》
दूषित पानी से हुई मौतों को लेकर सेंधवा में कांग्रेस के दोनों संगठनों ने निष्पक्ष जांच और मंत्री के इस्तीफे की मांग की।




